गलत खान-पान से हो सकता है कोलोरेक्टल कैंसर (colorectal cancer)

colorectal cancer क्या है-

colorectal cancer को colon cancer भी कहा जाता है ,colorectal cancer गलत खान-पान और लाइफस्टायल के कारण होता है और ये मामले दिन ब दिन बढ़ रहे है ,पुरुषों के मुकाबले महिलाये ज्यादा इसके प्रभाव में आ रही है ,जो महिलाये फायबर वाली चीजे कम खाती है उनको इस cancer का ज्यादा खतरा होता है ,असामान्य कोशिकाओ की वृद्धि जब कोलन ,रेक्टल या दोनों में ही फैलती है ,तो इस फैलाव को colorectal cancer कहते है .colon कैंसर को बड़ी आंत का कैंसर भी कहते है .

colorectal cancer के लक्षण –

खाने की आदतों में बदलाव- यह लक्षण colorectal cancer के लक्षणों में सबसे सामान्य है |इसमें किसी भी व्यक्ति के खाने पीने की आदतों में बदलाव आने लगता है और कभी वह कम खाता है तो कभी ज्यादा लेकिन उसे हर समय पेट खाली लगता है .

दस्त या कब्ज- अगर किसी व्यक्ति को colorectal cancer हो जाता है तो उसे लगातार दस्त या कब्ज की शिकायत बनी रहती है .

स्टूल के रंग में बदलाव – कोलोरेक्टल कैंसर होने पर स्टूल के रंग में परिवर्तन देखने को मिलता है कभी स्टूल का रंग लाल तो कभी काला होता है|कैसर होने पर स्टूल में ब्लड आने लगता है लेकिन ब्लड का रंग लाल न होकर बहुत अधिक लाल या फिर काला होता है .

थकान होना –colorectal cancer में व्यक्ति बिना किसी काम के थका सा महसूस करता है |colorectal cancer का उपचार हो सकता है ,लेकिन जैसे ही किसी व्यक्ति को बीमारी के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे |

पेट में ऐठन,भरा महसूस होना –लगातार पेट में ऐठन और पेट का भरा महसूस होना ,इसके लक्षणों में एक लक्षण ये भी शामिल है|colorectal cancer होने पर किसी का भी वजन बिना डायटिंग किये कम होने लगता है |

colorectal cancer से बचाव के उपाय-

धूम्रपान से बचाव ,शराब से दूर रहे ,रेड मिट खाने से बचे ,अधिक मौसमी फल और ताजा सब्जिया ले जिनमे पर्याप्त फायबर हो ,एडिनोमेटस पालिपोसिस के पारिवारिक इतिहास के साथ व्यक्ति का विशेष रूप से जल्दी चिकित्सा उपचार लेना चाहिए .

colorectal cancer का इलाज –

स्टूल में खून हो तो यह colorectal cancer की पहचान का सबसे सरल तरीका है स्क्रीनिंग के जरिये डॉक्टर इसकी पहचान कर सकते है |कोलोनोस्कोपी और सिटी पेट स्कैन के जरिये colorectal cancer की पहचान की जाती है |colorectal cancer के ट्रीटमेंट का एकमात्र तरीका सर्जरी है | कीमोथेरपी से इसका साइज कम किया जाता है फिर सर्जरी की जाती है अगर cancer सेल लीवर तक फ़ैल जाता है तो रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन ट्रीटमेंट दिया जाता है |colorectal cancer का इलाज तब तक संभव है जब तक की यह आंतों तक ही सीमित हो |ज्यदातर मामलो में मरीज इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते है |इससे कैसर फैलकर लिम्फ नोड्स तक पहुच जाता है जो घातक होता है ,यदि आपको ये लक्षण दिखे तो डॉक्टर से संपर्क करे |

 

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